vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण
»
श्लोक 37-38h
श्लोक
7.198.37-38h
अथ वक्ष्यसि मां मौर्ख्याद् भूय: परुषमीदृशम्॥ ३७॥
गमयिष्यामि बाणैस्त्वां युधि वैवस्वतक्षयम्।
अनुवाद
यदि तू मूर्खतावश मुझसे पुनः ऐसे कटु वचन कहेगा, तो मैं युद्ध में अपने बाणों द्वारा तुझे तुरन्त यमलोक भेज दूँगा।
If, out of foolishness, you say such harsh words to me again, I shall immediately send you to Yamaloka through my arrows in the war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×