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mahabharat 7.198.37-38h: यदि तू मूर्खतावश मुझसे पुनः ऐसे कटु वचन कहेगा, तो मैं युद्ध में अपने बाणों द्वारा तुझे तुरन्त यमलोक भेज दूँगा।   |   mahabharat अध्याय 7.198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  7.198.37-38h 
अथ वक्ष्यसि मां मौर्ख्याद् भूय: परुषमीदृशम्॥ ३७॥
गमयिष्यामि बाणैस्त्वां युधि वैवस्वतक्षयम्।
 
 
अनुवाद
यदि तू मूर्खतावश मुझसे पुनः ऐसे कटु वचन कहेगा, तो मैं युद्ध में अपने बाणों द्वारा तुझे तुरन्त यमलोक भेज दूँगा।
 
If, out of foolishness, you say such harsh words to me again, I shall immediately send you to Yamaloka through my arrows in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)