Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.198.24-25h: जब सात्वत कुल के सात्यकि ने ऐसी कटु बातें कहीं और दोषारोपण किया, तब धृष्टद्युम्न को बड़ा क्रोध आया और वे भी क्रोध में भरकर सात्यकि से ऐसे बोले, मानो हँस रहे हों। | mahabharat अध्याय 7.198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सात्वत कुल के सात्यकि ने ऐसी कटु बातें कहीं और दोषारोपण किया, तब धृष्टद्युम्न को बड़ा क्रोध आया और वे भी क्रोध में भरकर सात्यकि से ऐसे बोले, मानो हँस रहे हों।
Dhrishtadyumna became very angry when Satyaki, who belonged to the Satvat clan, made such harsh remarks and made accusations. Then he too, filled with anger, spoke to Satyaki as if laughing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥