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mahabharat 7.198.17-18h: वास्तव में, भीष्म को मारने वाला तुम्हारा महापापी भाई था। पांचाल नरेश के पुत्रों के अतिरिक्त इस पृथ्वी पर ऐसा पाप करने वाला कोई नहीं है।'   |   mahabharat अध्याय 7.198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.198.17-18h 
तस्यापि तव सोदर्यो निहन्ता पापकृत्तम:॥ १७॥
नान्य: पाञ्चाल्यपुत्रेभ्यो विद्यते भुवि पापकृत्।
 
 
अनुवाद
वास्तव में, भीष्म को मारने वाला तुम्हारा महापापी भाई था। पांचाल नरेश के पुत्रों के अतिरिक्त इस पृथ्वी पर ऐसा पाप करने वाला कोई नहीं है।'
 
‘In fact, the one who killed Bhishma was your great sinner brother. There is no one on this earth who has committed such a sin except the sons of the Panchala king. 17 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)