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mahabharat 7.197.5: समस्त क्षत्रिय गुणों से युक्त और इस कुल का भार वहन करने में समर्थ होते हुए भी आज तुम मूर्खों की भाँति बातें कर रहे हो; यह तुम्हें शोभा नहीं देता॥5॥   |   mahabharat अध्याय 7.197: भीमसेनके वीरोचित उद्‍गार और धृष्टद्युम्नके द्वारा अपने कृत्यका समर्थन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 197: भीमसेनके वीरोचित उद्‍गार और धृष्टद्युम्नके द्वारा अपने कृत्यका समर्थन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.197.5 
स भवान् क्षत्रियगुणैर्युक्त: सर्वै: कुलोद्वह:।
अविपश्चिद् यथा वाचं व्याहरन् नाद्य शोभसे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
समस्त क्षत्रिय गुणों से युक्त और इस कुल का भार वहन करने में समर्थ होते हुए भी आज तुम मूर्खों की भाँति बातें कर रहे हो; यह तुम्हें शोभा नहीं देता॥5॥
 
Despite being endowed with all the Kshatriya qualities and being capable of shouldering the burden of this clan, you are talking like a fool today; this does not befit you.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)