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mahabharat 7.197.21: हे महापराक्रमी अर्जुन! मुझे अपना भाई जानकर तुम्हें द्रोणपुत्र से भय नहीं होना चाहिए॥21॥   |   mahabharat अध्याय 7.197: भीमसेनके वीरोचित उद्‍गार और धृष्टद्युम्नके द्वारा अपने कृत्यका समर्थन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 197: भीमसेनके वीरोचित उद्‍गार और धृष्टद्युम्नके द्वारा अपने कृत्यका समर्थन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.197.21 
स त्वमेवंविधं जानन् भ्रातरं मां नरर्षभ।
द्रोणपुत्राद् भयं कर्तुं नार्हस्यमितविक्रम॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे महापराक्रमी अर्जुन! मुझे अपना भाई जानकर तुम्हें द्रोणपुत्र से भय नहीं होना चाहिए॥21॥
 
O mighty man of great valour, Arjuna! Knowing that I am your brother, you should not fear the son of Drona. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)