श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.196.46 
धृतराष्ट्रेण भीष्माय द्रोणाय च विशाम्पते।
विसृष्टा पृथिवी सर्वा सह पुत्रैश्च तत्परै:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! धृतराष्ट्र ने इस सम्पूर्ण पृथ्वी का राज्य भीष्म और द्रोण को तथा उनके सेवा में रहने वाले अपने पुत्रों को सौंप दिया था ॥ 46॥
 
O Prajanath! Dhritarashtra had handed over the kingdom of this entire earth to Bhishma and Drona along with his sons who were in their service. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)