Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.196.40-41: आज आचार्य का पुत्र अश्वत्थामा, जिसका पिता मारा गया है, क्रोधित होकर धृष्टद्युम्न को कालका के मुख में डालना चाहता है। अब तुम अपने शस्त्र त्यागकर और निहत्थे गुरुदेव को अन्यायपूर्वक मरवाकर अपने मंत्रियों सहित उनके समक्ष जाओ और यदि तुममें शक्ति हो तो धृष्टद्युम्न की रक्षा करो। 41-41॥ | mahabharat अध्याय 7.196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज आचार्य का पुत्र अश्वत्थामा, जिसका पिता मारा गया है, क्रोधित होकर धृष्टद्युम्न को कालका के मुख में डालना चाहता है। अब तुम अपने शस्त्र त्यागकर और निहत्थे गुरुदेव को अन्यायपूर्वक मरवाकर अपने मंत्रियों सहित उनके समक्ष जाओ और यदि तुममें शक्ति हो तो धृष्टद्युम्न की रक्षा करो। 41-41॥
Today, Acharya's son Ashwatthama, whose father has been killed, is angry and wants to turn Dhrishtadyumna into Kalka's mouth. After renouncing your weapons and getting the unarmed Gurudev killed unjustly, now go before him along with your ministers and if you have the power, protect Dhrishtadyumna. 41-41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥