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mahabharat 7.196.4: सब दिशाओं में अन्धकार छा गया, सूर्य मंद पड़ गया और मांसाहारी पशु आनन्दपूर्वक इधर-उधर दौड़ने लगे ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.196.4 
तमसा चावकीर्यन्त सूर्यश्च कलुषोऽभवत्।
सम्पतन्ति च भूतानि क्रव्यादानि प्रहृष्टवत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सब दिशाओं में अन्धकार छा गया, सूर्य मंद पड़ गया और मांसाहारी पशु आनन्दपूर्वक इधर-उधर दौड़ने लगे ॥4॥
 
Darkness spread in all directions, the sun became pale and carnivorous animals began to run around happily. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)