Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.196.38-39h: तब उसने अपने शस्त्र त्याग दिए, प्राणों की आसक्ति खो दी और मूर्छित हो गया। हे राजन! आपने स्वयं देखा कि वह उस समय कितना व्याकुल था, यद्यपि वह अत्यन्त शक्तिशाली था। 38 1/2 | mahabharat अध्याय 7.196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब उसने अपने शस्त्र त्याग दिए, प्राणों की आसक्ति खो दी और मूर्छित हो गया। हे राजन! आपने स्वयं देखा कि वह उस समय कितना व्याकुल था, यद्यपि वह अत्यन्त शक्तिशाली था। 38 1/2
Then he dropped his weapons and lost all attachment to his life and became unconscious. O King! You yourself saw how agitated he was at that time despite being very powerful. 38 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥