Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.196.3: हे भारत! पर्वतों के शिखर टूटकर गिरने लगे। मृगों के झुंड पांडव सेना को छोड़कर उनके दाहिनी ओर चले गए।   |   mahabharat अध्याय 7.196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.196.3 
शिखराणि व्यशीर्यन्त गिरीणां तत्र भारत।
अपसव्यं मृगाश्चैव पाण्डुसेनां प्रचक्रिरे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! पर्वतों के शिखर टूटकर गिरने लगे। मृगों के झुंड पांडव सेना को छोड़कर उनके दाहिनी ओर चले गए।
 
Bharat! The peaks of the mountains started breaking and falling. The herds of deer left the Pandava army on their right.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)