श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.196.19-20h 
अवस्थां तादृशीं प्राप्य हते द्रोणे द्रुतं बलम्॥ १९॥
पुनरावर्तितं केन यदि जानासि शंस मे।
 
 
अनुवाद
आचार्य द्रोण के मरणोपरांत जो सेना इतनी बुरी हालत में भाग गई थी, उसे किसने वापस लाया? यदि आप जानते हों, तो मुझे बताइए॥19 1/2॥
 
After the death of Acharya Drona, who brought back the army which had fled in such a bad condition? If you know, then tell me.॥19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)