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mahabharat 7.196.16-17h: कुछ लोग अपने हथियार और कवच खोकर अपने वाहनों से ज़मीन पर गिर पड़े। उस हालत में, उनके शरीर रथों के पहियों से कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए और कई घोड़ों और हाथियों से कुचल दिए गए।   |   mahabharat अध्याय 7.196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  7.196.16-17h 
विशस्त्रकवचाश्चान्ये वाहनेभ्य: क्षितिं गता:॥ १६॥
संछिन्ना नेमिभिश्चैव मृदिताश्च हयद्विपै:।
 
 
अनुवाद
कुछ लोग अपने हथियार और कवच खोकर अपने वाहनों से ज़मीन पर गिर पड़े। उस हालत में, उनके शरीर रथों के पहियों से कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए और कई घोड़ों और हाथियों से कुचल दिए गए।
 
Some people lost their weapons and armour and fell from their vehicles to the ground. In that condition, their bodies were crushed into pieces by the wheels of the chariots and many were crushed by horses and elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)