श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 196: कौरव-सेनाका सिंहनाद सुनकर युधिष्ठिरका अर्जुनसे कारण पूछना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाके क्रोध एवं गुरुहत्याके भीषण परिणामका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.196.1 
संजय उवाच
प्रादुर्भूते ततस्तस्मिन्नस्त्रे नारायणे प्रभो।
प्रावात् सपृषतो वायुरनभ्रे स्तनयित्नुमान्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे प्रभु! तत्पश्चात उस नारायणास्त्र के प्रकट होते ही जल की बूंदों के साथ प्रचण्ड वायु चलने लगी। आकाश में बिना मेघों के भी मेघ गरजने लगे।
 
Sanjaya says - Lord! Thereafter, on the appearance of that Narayanastra, a strong wind started blowing along with the drops of water. The clouds started roaring in the sky even without any clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)