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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 195: अश्वत्थामाके क्रोधपूर्ण उद्‍गार और उसके द्वारा नारायणास्त्रका प्राकट्य  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.195.46 
तच्छ्रुत्वा द्रोणपुत्रस्य पर्यवर्तत वाहिनी।
तत: सर्वे महाशङ्खान् दध्मु: पुरुषसत्तमा:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
द्रोणपुत्र अश्वत्थामा के वचन सुनकर कौरव सेना लौट आई। तब सभी वीर बड़े-बड़े शंख बजाने लगे।
 
On hearing the words of Drona's son Ashvatthama, the Kaurava army returned. Then all the brave men started blowing big conches.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)