Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.195.17-18h: कुरुनन्दन! पांचालों का वध करके ही मुझे शान्ति मिलेगी। पुरुषसिंह! मनुष्य पुत्रों की कामना इसलिए करते हैं कि उन्हें पाकर वे इस लोक और परलोक में महान भय से उनकी रक्षा करेंगे। 17 1/2। | mahabharat अध्याय 7.195: अश्वत्थामाके क्रोधपूर्ण उद्गार और उसके द्वारा नारायणास्त्रका प्राकट्य । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरुनन्दन! पांचालों का वध करके ही मुझे शान्ति मिलेगी। पुरुषसिंह! मनुष्य पुत्रों की कामना इसलिए करते हैं कि उन्हें पाकर वे इस लोक और परलोक में महान भय से उनकी रक्षा करेंगे। 17 1/2।
Kurunandan! I will be able to find peace only after killing the Panchalas. Purushsingh! Humans desire sons because on getting them, they will protect them from great fear in this world and the next. 17 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥