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mahabharat 7.193.9: स्वर्ण रथ पर सवार आचार्य द्रोण की मृत्यु का समाचार सुनकर गांधार नरेश शकुनि व्यथित हो गया और अत्यन्त भयभीत होकर अपने सारथिओं सहित युद्धभूमि से भाग गया।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.193.9 
गान्धारराज: शकुनिस्त्रस्तस्त्रस्ततरै: सह।
हतं रुक्मरथं श्रुत्वा प्राद्रवत् सहितो रथै:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
स्वर्ण रथ पर सवार आचार्य द्रोण की मृत्यु का समाचार सुनकर गांधार नरेश शकुनि व्यथित हो गया और अत्यन्त भयभीत होकर अपने सारथिओं सहित युद्धभूमि से भाग गया।
 
Hearing the news of the death of Acharya Drona of the golden chariot, Shakuni, the king of Gandhara, became distressed and in great fear ran away from the battlefield along with his charioteers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)