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mahabharat 7.193.68: संजय कहते हैं- राजन! युद्ध में अपने पिता के मारे जाने का वृत्तांत सुनकर द्रोणपुत्र अश्वत्थामा पैरों से ठुकराए हुए सर्प के समान अत्यंत क्रोधित हो गया॥68॥   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  7.193.68 
संजय उवाच
तच्छ्रुत्वा द्रोणपुत्रस्तु निधनं पितुराहवे।
क्रोधमाहारयत् तीव्रं पदाहत इवोरग:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! युद्ध में अपने पिता के मारे जाने का वृत्तांत सुनकर द्रोणपुत्र अश्वत्थामा पैरों से ठुकराए हुए सर्प के समान अत्यंत क्रोधित हो गया॥68॥
 
Sanjay says- Rajan! Hearing the story of his father being killed in the battle, Drona's son Ashwatthama became extremely angry like a snake rejected from his feet. 68॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)