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mahabharat 7.193.64: वे सभी वीर पुरुष चारों ओर से कह रहे थे, ‘मत मारो, मत मारो।’ अर्जुन भी यही बात कहकर अपने रथ से उतरकर उसकी ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  7.193.64 
न हन्तव्यो न हन्तव्य इति ते सर्वतोऽब्रुवन्।
तथैव चार्जुनो वाहादवरुह्यैनमाद्रवत्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
वे सभी वीर पुरुष चारों ओर से कह रहे थे, ‘मत मारो, मत मारो।’ अर्जुन भी यही बात कहकर अपने रथ से उतरकर उसकी ओर दौड़े।
 
All those brave men were saying from all sides, 'Don't kill, don't kill.' Arjuna also said the same thing and got down from his chariot and ran towards him. 64.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)