Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.193.59: असत्यभाषणका परिणाम जानते हुए भी राजा युधिष्ठिरने योद्धाओंमें श्रेष्ठ द्रोणसे यही बात कही और फिर मौन वाणीमें बोले - 'वास्तवमें इसी नामका एक हाथी मारा गया है ।' 59॥ | mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जानन्नप्यनृतस्याथ दोषान् स द्विजसत्तमम्।
अव्यक्तमब्रवीद् राजा हत: कुञ्जर इत्युत॥ ५९॥
अनुवाद
असत्यभाषणका परिणाम जानते हुए भी राजा युधिष्ठिरने योद्धाओंमें श्रेष्ठ द्रोणसे यही बात कही और फिर मौन वाणीमें बोले - 'वास्तवमें इसी नामका एक हाथी मारा गया है ।' 59॥
Despite knowing the consequences of speaking untruth, King Yudhishthir said the same thing to Drona, the best among the warriors. Then he said in an unspoken voice – ‘In fact, an elephant with this name has been killed.’ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥