Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.193.34: ऐसा प्रतीत हुआ मानो आपके पुत्र की नाव समुद्र के बीच में टूट गई हो और वह शोक के सागर में डूब रहा हो। रथ पर बैठे हुए पुत्र को देखकर द्रोण के नेत्र आँसुओं से भर गए। 34। | mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा प्रतीत हुआ मानो आपके पुत्र की नाव समुद्र के बीच में टूट गई हो और वह शोक के सागर में डूब रहा हो। रथ पर बैठे हुए पुत्र को देखकर द्रोण के नेत्र आँसुओं से भर गए। 34।
It was as if your son's boat had broken down in the middle of the sea and he was drowning in a sea of grief. On seeing Drona's son seated on the chariot, his eyes were filled with tears. 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥