Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.193.25: जब सारी सेना भय के मारे भाग रही थी, बल और साहस खो चुकी थी, उसी समय द्रोणपुत्र अश्वत्थामा शत्रुओं की ओर ऐसे बढ़ रहा था, जैसे मगरमच्छ नदी के प्रवाह के विपरीत जा रहा हो। | mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सारी सेना भय के मारे भाग रही थी, बल और साहस खो चुकी थी, उसी समय द्रोणपुत्र अश्वत्थामा शत्रुओं की ओर ऐसे बढ़ रहा था, जैसे मगरमच्छ नदी के प्रवाह के विपरीत जा रहा हो।
When the entire army was running away in fear and having lost strength and courage, at that very time Drona's son Ashvatthama was advancing towards the enemies as if a crocodile was going against the flow of a river.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥