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mahabharat 7.193.23: हे भरतश्रेष्ठ! हे प्रभु! आपके बहुत से सैनिक कवच उतारकर एक दूसरे को पुकारते हुए भाग रहे थे॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.193.23 
उत्सृज्य कवचानन्ये प्राद्रवंस्तावका विभो।
अन्योन्यं ते समाक्रोशन् सैनिका भरतर्षभ॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! हे प्रभु! आपके बहुत से सैनिक कवच उतारकर एक दूसरे को पुकारते हुए भाग रहे थे॥ 23॥
 
O best of the Bharatas! O Lord! Many of your soldiers, having taken off their armour, were running away calling out to each other.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)