Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.193.16: द्रोणाचार्य को पराजित देखकर वृषसेन भी दस हजार रथियों और तीन हजार हाथियों की सेना के साथ तुरन्त वहाँ से चले गये।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.193.16 
रथानामयुतं गृह्य त्रिसाहस्रं च दन्तिनाम्।
वृषसेनो ययौ तूर्णं दृष्ट्वा द्रोणं निपातितम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य को पराजित देखकर वृषसेन भी दस हजार रथियों और तीन हजार हाथियों की सेना के साथ तुरन्त वहाँ से चले गये।
 
Seeing that Dronacharya had been defeated, Vrishasena too immediately left the place along with an army of ten thousand chariots and three thousand elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)