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mahabharat 7.193.15: वह सुन्दर युवक दु:शासन, जिसके शरीर पर वीरता के चिह्न थे, भी भय से अत्यन्त व्याकुल हो गया और अपनी हाथी सेना के साथ भाग गया।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.193.15 
दर्शनीयो युवा चैव शौर्येण कृतलक्षण:।
दु:शासनो भृशोद्विग्न: प्राद्रवद् गजसंवृत:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वह सुन्दर युवक दु:शासन, जिसके शरीर पर वीरता के चिह्न थे, भी भय से अत्यन्त व्याकुल हो गया और अपनी हाथी सेना के साथ भाग गया।
 
That handsome young man Dushasan, whose body bore the marks of valour, was also greatly agitated with fear and fled away with his elephant army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)