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mahabharat 7.193.13: महाराज! कृतवर्मा भी भोजवंश की बची हुई सेना तथा कलिंग, अरत्त और बाह्लीकों की विशाल सेना के साथ अत्यन्त वेगवान घोड़ों से जुते हुए रथ पर सवार होकर भाग गया।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.193.13 
भोजानीकेन शिष्टेन कलिङ्गारट्टबाह्लिकै:।
कृतवर्मा वृतो राजन् प्रायात् सुजवनैर्हयै:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कृतवर्मा भी भोजवंश की बची हुई सेना तथा कलिंग, अरत्त और बाह्लीकों की विशाल सेना के साथ अत्यन्त वेगवान घोड़ों से जुते हुए रथ पर सवार होकर भाग गया।
 
King! Kritavarma too fled away in a chariot drawn by very swift horses, along with the remaining army of the Bhoj dynasty and a large army of Kalingas, Arattas and Bahlikas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)