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mahabharat 7.193.11: मद्रराज शल्य भी रथ, हाथी और घोड़ों से युक्त अपनी सेना लेकर आगे बढ़े और भयभीत होकर इधर-उधर देखकर भागने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.193.11 
रथनागाश्वकलिलां पुरस्कृत्य तु वाहिनीम्।
मद्राणामीश्वर: शल्यो वीक्षमाणोऽपयाद् भयात्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मद्रराज शल्य भी रथ, हाथी और घोड़ों से युक्त अपनी सेना लेकर आगे बढ़े और भयभीत होकर इधर-उधर देखकर भागने लगे।
 
Madra king Shalya also led his army consisting of chariots, elephants and horses ahead and looking here and there in fear, began to run away. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)