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mahabharat 7.193.10: सारथीपुत्र कर्ण भी अपनी विशाल सेना के साथ, जो ध्वजा और पताकाओं से सुसज्जित थी, बड़े वेग से भागते हुए, भयभीत होकर वहाँ से भाग गया।   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.193.10 
वरूथिनीं वेगवतीं विद्रुतां सपताकिनीम्।
परिगृह्य महासेनां सूतपुत्रोऽपयाद् भयात्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
सारथीपुत्र कर्ण भी अपनी विशाल सेना के साथ, जो ध्वजा और पताकाओं से सुसज्जित थी, बड़े वेग से भागते हुए, भयभीत होकर वहाँ से भाग गया।
 
A charioteer's son Karna, too, fled from there in fear, along with his large army, adorned with flags and banners, and running at great speed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)