श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  7.192.82 
एतावदुक्त्वा भीमस्तु हर्षेण महता युत:।
बाहुशब्देन पृथिवीं कम्पयामास पाण्डव:॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर पाण्डव पुत्र भीमसेन अत्यन्त प्रसन्न होकर अपनी भुजाओं को पटक-पटक कर पृथ्वी को कम्पित करने लगे।
 
Having said this, Pandava son Bhimasena, filled with great joy, began to tremble the earth by clapping his arms. 82.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)