Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.80-81: उस समय भीमसेन ने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले धृष्टद्युम्न से कहा, 'हे द्रुपदपुत्र! जब महारथी कर्ण और पापी दुर्योधन मारे जाएँगे, तब मैं पुनः तुम्हें उसी प्रकार गले लगाऊँगा, जैसे तुम विजयी हुए थे।' | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय भीमसेन ने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले धृष्टद्युम्न से कहा, 'हे द्रुपदपुत्र! जब महारथी कर्ण और पापी दुर्योधन मारे जाएँगे, तब मैं पुनः तुम्हें उसी प्रकार गले लगाऊँगा, जैसे तुम विजयी हुए थे।'
At that time Bhimasena said to Dhrishtadyumna, the tormentor of enemies, 'O son of Drupada, when the son of a charioteer Karna and the sinful Duryodhana are killed, then I will again embrace you in the same manner as you who are victorious.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥