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mahabharat 7.192.79-80h: राजन! तत्पश्चात् भीमसेन और द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न एक-दूसरे से गले मिले और सेना के बीच में आनन्दपूर्वक नृत्य करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 79-80h
 
 
श्लोक  7.192.79-80h 
भीमसेनस्ततो राजन् धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:॥ ७९॥
वरूथिन्यामनृत्येतां परिष्वज्य परस्परम्।
 
 
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् भीमसेन और द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न एक-दूसरे से गले मिले और सेना के बीच में आनन्दपूर्वक नृत्य करने लगे।
 
Rajan! Thereafter, Bhimsen and Drupada Kumar Dhrishtadyumna embraced each other and started dancing with joy in the midst of the army. 79 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)