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mahabharat 7.192.75-76h: युद्ध में आपके बहुत से योद्धा तीखे बाणों से मारे गए और बहुत से अधमरे हो गए। द्रोणाचार्य के मारे जाने पर वे सब प्राणहीन हो गए।   |   mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 75-76h
 
 
श्लोक  7.192.75-76h 
निहता हतभूयिष्ठा: संग्रामे निशितै: शरै:॥ ७५॥
तावका निहते द्रोणे गतासव इवाभवन्।
 
 
अनुवाद
युद्ध में आपके बहुत से योद्धा तीखे बाणों से मारे गए और बहुत से अधमरे हो गए। द्रोणाचार्य के मारे जाने पर वे सब प्राणहीन हो गए।
 
In the war many of your warriors were killed by sharp arrows and many were half-dead. When Dronacharya was killed they all became lifeless. 75 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)