श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 69-70
 
 
श्लोक  7.192.69-70 
एवं तं निहतं संख्ये ददृशे सैनिको जन:॥ ६९॥
धृष्टद्युम्नस्तु तद् राजन् भारद्वाजशिरोऽहरत्।
तावकानां महेष्वास: प्रमुखे तत् समाक्षिपत्॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार समस्त सैनिकों ने अपनी आँखों से द्रोणाचार्य का वध होते देखा। हे राजन! महाधनुर्धर धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य का सिर उठाकर आपके पुत्रों के सामने फेंक दिया।
 
In this manner all the soldiers saw with their own eyes the killing of Dronacharya. O King! The great archer Dhrishtadyumna picked up Dronacharya's head and threw it in front of your sons. 69-70.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)