Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.64-65h: आचार्य का रंग श्याम वर्ण का था। उनकी आयु चार सौ वर्ष थी और उनके बाल सिर से पैर तक सफेद हो गए थे। फिर भी, आपके हित के लिए वे युद्धभूमि में सोलह वर्ष के युवक की तरह विचरण करते थे। | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आकर्णपलित: श्यामो वयसाशीतिपञ्चक:॥ ६४॥
त्वत्कृते व्यचरत् संख्ये स तु षोडशवर्षवत्।
अनुवाद
आचार्य का रंग श्याम वर्ण का था। उनकी आयु चार सौ वर्ष थी और उनके बाल सिर से पैर तक सफेद हो गए थे। फिर भी, आपके हित के लिए वे युद्धभूमि में सोलह वर्ष के युवक की तरह विचरण करते थे।
The Acharya's complexion was dark. He was four hundred years old and his hair had turned white from head to toe. Still, for your benefit, he used to move around in the battle field like a sixteen year old youth. 64 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥