Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.62-63h: द्रोण के प्राण निकल चुके थे, अतः वे कुछ भी नहीं बोल रहे थे। ऐसी स्थिति में धृष्टद्युम्न ने उनके केश पकड़कर अपनी तलवार से उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोण के प्राण निकल चुके थे, अतः वे कुछ भी नहीं बोल रहे थे। ऐसी स्थिति में धृष्टद्युम्न ने उनके केश पकड़कर अपनी तलवार से उनका सिर धड़ से अलग कर दिया।
Drona's life had left his body, so he was not speaking anything. In this state, Dhrishtadyumna grabbed his hair and cut off his head from the body with his sword. 62 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥