Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.35: तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने धृष्टद्युम्न का धनुष काट डाला और उसे बाणों से घायल कर दिया तथा उसके नासिकास्थानों पर पुनः गहरी चोट पहुँचाई; जिससे उसे बड़ी पीड़ा हुई ॥35॥ | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने धृष्टद्युम्न का धनुष काट डाला और उसे बाणों से घायल कर दिया तथा उसके नासिकास्थानों पर पुनः गहरी चोट पहुँचाई; जिससे उसे बड़ी पीड़ा हुई ॥35॥
Thereafter Dronacharya cut off Dhrishtadyumna's bow and wounded him with arrows and again inflicted deep wounds on his vital spots; this caused him great pain. ॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥