Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.30: तत्पश्चात् क्रोध में भरकर उसने बाण चलाकर युद्धभूमि में बड़ी कठिनाई से रुक रहे द्रोणाचार्य को रोकने की इच्छा की और बाणों की वर्षा से उन्हें ढक दिया। | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् क्रोध में भरकर उसने बाण चलाकर युद्धभूमि में बड़ी कठिनाई से रुक रहे द्रोणाचार्य को रोकने की इच्छा की और बाणों की वर्षा से उन्हें ढक दिया।
Then, filled with anger, shooting arrows, he desired to stop Dronacharya, who was hardly being stopped on the battlefield, and covered him with a shower of arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥