Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.25: फिर क्षत्रियों का नाश करने के लिए ब्रह्मास्त्र का आश्रय लेकर वह युद्धभूमि में सावधानी से खड़ा हो गया और धूमरहित प्रज्वलित अग्नि के समान चमकने लगा॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर क्षत्रियों का नाश करने के लिए ब्रह्मास्त्र का आश्रय लेकर वह युद्धभूमि में सावधानी से खड़ा हो गया और धूमरहित प्रज्वलित अग्नि के समान चमकने लगा॥ 25॥
Then, taking recourse to the Brahmastra to destroy the Kshatriyas, he stood cautiously on the battlefield and began to shine like a smokeless blazing fire.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥