Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.192.18-19h: सौरमण्डल से एक विशाल उल्का निकली, दोनों सेनाओं को प्रकाशित करती हुई, महान भय का संदेश देती हुई पृथ्वी पर गिरी। 18 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  7.192.18-19h 
पपात महती चोल्का आदित्यान्निश्चरन्त्युत॥ १८॥
दीपयन्ती उभे सेने शंसन्तीव महद् भयम्।
 
 
अनुवाद
सौरमण्डल से एक विशाल उल्का निकली, दोनों सेनाओं को प्रकाशित करती हुई, महान भय का संदेश देती हुई पृथ्वी पर गिरी। 18 1/2
 
A huge meteor came out from the solar system, illuminated both the armies and gave a message of great fear and fell on the earth. 18 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)