Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.17-18h: सत्यवादी द्रोणाचार्य के आगे बढ़ने पर पृथ्वी कांपने लगी और गड़गड़ाहट की आवाज के साथ भयंकर तूफान चलने लगा, जिससे सारी सेना भयभीत हो गई। | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्यवादी द्रोणाचार्य के आगे बढ़ने पर पृथ्वी कांपने लगी और गड़गड़ाहट की आवाज के साथ भयंकर तूफान चलने लगा, जिससे सारी सेना भयभीत हो गई।
As the truthful Dronacharya advanced, the earth began to tremble, and a fierce storm began to blow along with the sound of thunder, which frightened the entire army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥