Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.192.10-11h: हे कुरुश्रेष्ठ! उस महासमर में बाणों से कटे हुए योद्धा नाना प्रकार की गति करते और छटपटाते हुए दिखाई दे रहे थे। 10 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  7.192.10-11h 
बाणपातनिकृत्तास्तु योधास्ते कुरुसत्तम॥ १०॥
चेष्टन्तो विविधाश्चेष्टा व्यदृश्यन्त महाहवे।
 
 
अनुवाद
हे कुरुश्रेष्ठ! उस महासमर में बाणों से कटे हुए योद्धा नाना प्रकार की गति करते और छटपटाते हुए दिखाई दे रहे थे। 10 1/2॥
 
Kurushrestha! The warriors, cut by the arrows, were seen making various movements and writhing in that great battle. 10 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)