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mahabharat 7.191.32: लाल घोड़ों को बचाते हुए द्रोणाचार्य ने अपने सारथी के साथ आक्रमण किया और एक-एक करके सभी कबूतर रंग के घोड़ों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.191: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिकी शूरवीरता और प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.191.32 
तस्य पारावतानश्वान् रथशक्त्या पराभिनत्।
सर्वानेकैकशो द्रोणो रक्तानश्वान् विवर्जयन्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
लाल घोड़ों को बचाते हुए द्रोणाचार्य ने अपने सारथी के साथ आक्रमण किया और एक-एक करके सभी कबूतर रंग के घोड़ों को मार डाला।
 
While saving the red horses, Dronacharya attacked with his charioteer and killed all the pigeon-coloured horses one by one.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)