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श्लोक  7.191.20 
ते मिश्रा बह्वशोभन्त जवना वातरंहस:।
पारावतसवर्णाश्च शोणाश्वा भरतर्षभ॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! वे घोड़े वायु के समान वेगवान, कबूतरों के समान वर्ण वाले तथा लाल रंग के थे, तथा एक साथ मिलकर बहुत शोभायमान हो रहे थे।
 
O best of the Bharatas! Those horses, as swift as the wind, as coloured as pigeons and red, together looked very splendid.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)