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mahabharat 7.191.18: शत्रुओं को पीड़ा देने वाले द्रोणाचार्य ने क्रोधित होकर क्रोध में भरे हुए धृष्टद्युम्न को नौ घातक तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.191: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिकी शूरवीरता और प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 191: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिकी शूरवीरता और प्रशंसा  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.191.18 
धृष्टद्युम्नं च विव्याध नवभिर्निशितै: शरै:।
जीवितान्तकरै: क्रुद्ध: क्रुद्धरूपं परंतप:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं को पीड़ा देने वाले द्रोणाचार्य ने क्रोधित होकर क्रोध में भरे हुए धृष्टद्युम्न को नौ घातक तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
Enraged, Drona, the tormentor of enemies, pierced Dhrishtadyumna, who was filled with anger, with nine deadly sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)