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mahabharat 7.190.46: राजन! यदि क्रोध में भरे हुए द्रोणाचार्य आधे दिन भी युद्ध करते रहेंगे तो मैं आपसे सत्य कहता हूँ, आपकी सेना का पूर्णतः नाश हो जायेगा।   |   mahabharat अध्याय 7.190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.190.46 
यद्यर्धदिवसं द्रोणो युध्यते मन्युमास्थित:।
सत्यं ब्रवीमि ते सेना विनाशं समुपैष्यति॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
राजन! यदि क्रोध में भरे हुए द्रोणाचार्य आधे दिन भी युद्ध करते रहेंगे तो मैं आपसे सत्य कहता हूँ, आपकी सेना का पूर्णतः नाश हो जायेगा।
 
King! If Dronacharya, filled with anger, continues to fight for even half a day, then I tell you the truth, your army will be completely destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)