Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.190.28: भरतनन्दन! हाथी और अश्व समूहों के गिरने से उनके मांस और रक्त की कीचड़ जम जाने से भूमि पर चलना असम्भव हो गया। 28॥ | mahabharat अध्याय 7.190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुञ्जराणां च पततां हयौघानां च भारत।
अगम्यरूपा पृथिवी मांसशोणितकर्दमा॥ २८॥
अनुवाद
भरतनन्दन! हाथी और अश्व समूहों के गिरने से उनके मांस और रक्त की कीचड़ जम जाने से भूमि पर चलना असम्भव हो गया। 28॥
Bharatnandan! It became impossible to walk on the ground due to the accumulation of mud from the flesh and blood of the elephants and horse groups collapsing. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥