Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.190.24-25h: तब शत्रुओं को संताप देने वाले महारथी द्रोणाचार्य ने पांचालों के उन बाणों के समूहों को नष्ट कर दिया और क्रोध में भरकर वीर पांचालों का संहार करने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। | mahabharat अध्याय 7.190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब शत्रुओं को संताप देने वाले महारथी द्रोणाचार्य ने पांचालों के उन बाणों के समूहों को नष्ट कर दिया और क्रोध में भरकर वीर पांचालों का संहार करने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया।
Then Dronacharya, that great warrior who tormented his enemies, destroyed those groups of arrows of the Panchalas and, filled with anger, revealed the Brahmastra to kill the valiant Panchalas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥