Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.190.23: हे प्रजानाथ! जैसे वर्षा ऋतु में बादलों से आच्छादित होने पर सूर्य दिखाई नहीं देता, उसी प्रकार बाणों के ढेर के नीचे दबे हुए महारथी द्रोणाचार्य को हम लोग नहीं देख पाए॥23॥ | mahabharat अध्याय 7.190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजानाथ! जैसे वर्षा ऋतु में बादलों से आच्छादित होने पर सूर्य दिखाई नहीं देता, उसी प्रकार बाणों के ढेर के नीचे दबे हुए महारथी द्रोणाचार्य को हम लोग नहीं देख पाए॥23॥
O Prajanath! Just as the Sun is not visible during the rainy season when it is covered by clouds, similarly we were not able to see the great warrior Drona who was buried under a pile of arrows.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥