Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.190.2: महाराज! द्रोणाचार्य के अस्त्रों से मारे गये शत्रु सेना के पराक्रमी योद्धा बड़े साहसी थे, इसलिए युद्धभूमि में वे उनसे तनिक भी नहीं डरते थे। | mahabharat अध्याय 7.190: द्रोणाचार्यका घोर कर्म, ऋषियोंका द्रोणको अस्त्र त्यागनेका आदेश तथा अश्वत्थामाकी मृत्यु सुनकर द्रोणका जीवनसे निराश होना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! द्रोणाचार्य के अस्त्रों से मारे गये शत्रु सेना के पराक्रमी योद्धा बड़े साहसी थे, इसलिए युद्धभूमि में वे उनसे तनिक भी नहीं डरते थे।
Maharaj! The mighty warriors of the enemy army who were killed by the weapons of Dronacharya were very courageous, so they were not afraid of him at all on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥