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mahabharat 7.19.33: बहुत से योद्धा मारे जा चुके थे और बहुत से मारे जा रहे थे। कुछ गिर गए थे और कुछ गिर रहे थे। बहुत से लोग इधर-उधर घूमकर आक्रमण कर रहे थे। इस सब के कारण युद्धभूमि अत्यंत क्रूर प्रतीत हो रही थी। 33।   |   mahabharat अध्याय 7.19: संशप्तकगणोंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 19: संशप्तकगणोंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.19.33 
तैर्हतैर्हन्यमानैश्च पतद्भि: पतितैरपि।
भ्रमद्भिर्निष्टनद्भिश्च क्रूरमायोधनं बभौ॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
बहुत से योद्धा मारे जा चुके थे और बहुत से मारे जा रहे थे। कुछ गिर गए थे और कुछ गिर रहे थे। बहुत से लोग इधर-उधर घूमकर आक्रमण कर रहे थे। इस सब के कारण युद्धभूमि अत्यंत क्रूर प्रतीत हो रही थी। 33।
 
Many warriors had been killed and many were being killed. Some had fallen and some were falling. Many were moving around and attacking. Because of all this, the battlefield appeared extremely cruel. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)