Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.189.9: राजन! उन सबके हृदय शुद्ध थे और आचरण भी निष्कलंक था। उन सबके सामने स्वर्ग प्राप्ति का लक्ष्य था; इसलिए वे एक-दूसरे पर विजय पाने की इच्छा से आर्यों के लिए उचित रीति से युद्ध करने लगे॥9॥ | mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उन सबके हृदय शुद्ध थे और आचरण भी निष्कलंक था। उन सबके सामने स्वर्ग प्राप्ति का लक्ष्य था; इसलिए वे एक-दूसरे पर विजय पाने की इच्छा से आर्यों के लिए उचित रीति से युद्ध करने लगे॥9॥
King! All of them had pure hearts and their conduct was immaculate. All of them had the goal of attaining heaven in front of them; therefore, with the desire to win over each other, they started fighting in a befitting manner for the Aryans.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥